समीर के बारे में

समीर की स्थापना सूक्ष्मतरंग इंजीनियरी तथा विद्युत-चुम्बकीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्य करने के बृहद शासनादेश से तत्कालीन इलेक्ट्रॉनिकी विभाग,भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला के रूप में हुई थी। यह टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान,मुंबई में वर्ष 1977 में स्थापित विशेष सूक्ष्म तरंग उत्पाद इकाई (एसएमपीयू)की एक उपशाखा है। समीर, मुंबई की स्थापना 1984 में हुई थी।


समीर का विद्युत-चुम्बकीय पर्यावरणीय प्रभाव (ई-3) केंद्र विशाखापतम में स्थित है। इसकी स्थापना जून 2014 में हुई थी। समीर-ई3 केंद्र एम आई एल मानक 461E/F,464 और एमआईएल 188 -125 -1 एवं 2 के अनुसार विशेषीकृत ई-3 परीक्षण सुविधाओं के साथ विद्युत-चुम्बकीय पर्यावरणीय प्रभाव (ई3), अनुसंधान, विकास, परीक्षण मूल्यांकन करने के अपने उद्देश्यों का अनुशीलन कर रहा है। आरंभिक स्तर से लेकर पूर्ण प्रणाली स्तर तक अनेक प्रकार की क्षमताओं में ई3 परीक्षण सुविधा को विशिष्टता प्राप्त है।